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हौज़ खास: जाने से पहले जानें खर्च, पहुंचने का तरीका और ज़रूरी बातें
हौज़ खास विलेज आने वाले पर्यटकों को स्मारक में प्रवेश तो मुफ़्त मिलता है, लेकिन जुलाई की मानसूनी परिस्थितियों में परिवहन, खाने-पीने और पार्किंग के लिए अलग से बजट रखना ज़रूरी है।
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हमने यह रिपोर्ट कैसे तैयार की

जुलाई 2026 की शुरुआत में हौज़ खास विलेज में रोज़ाना अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। 14वीं सदी का यह स्मारक परिसर बिना किसी शुल्क के खुला है, जबकि परिवहन और खाने-पीने पर प्रति व्यक्ति 300 से 1,200 रुपये तक का खर्च आ सकता है।
पिछले महीने नया स्कूल सत्र शुरू होने के बाद से दिल्लीवासी यहाँ सुकून की तलाश में आ रहे हैं। परिवार मानसून के पीक सीज़न, यानी मध्य जुलाई के बाद, से पहले पास के हरे-भरे इलाकों में घूमने का मौका ढूंढ रहे हैं।
यहाँ पहुँचने के लिए येलो लाइन पर स्थित हौज़ खास मेट्रो स्टेशन से शुरुआत करें। स्टेशन से विलेज की गलियों तक ऑटो-रिक्शा का किराया 40 से 60 रुपये है। वहाँ से दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा संचालित हौज़ खास किला और झील, तथा दिल्ली नगर निगम द्वारा देखरेख किए जाने वाले डियर पार्क तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।
प्रवेश, परिवहन और पार्किंग की जानकारी
स्मारक में प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क है। हालाँकि झील गेट के पास दोपहिया वाहन पार्क करने पर 20 रुपये और कार पर 50 रुपये का शुल्क लगता है। विलेज की गलियों के अंदर साइकिल-रिक्शा की एक छोटी सवारी 30 रुपये में पड़ती है। साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित नज़दीकी पेड पार्किंग लॉट सप्ताहांत में सुबह 11 बजे तक भर जाती है।
दिल्ली पर्यटन विभाग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में दक्षिण दिल्ली के विरासत स्थलों पर प्रति पर्यटक औसत खर्च 850 रुपये रहा, जिसमें प्रवेश शुल्क नहीं बल्कि कैफे का बिल मुख्य कारण था।
खाना-पीना और ज़रूरी सावधानियाँ
हौज़ खास सोशल जैसी मशहूर जगहों पर दो लोगों के खाने का खर्च औसतन 700 से 900 रुपये आता है, वहीं औरोबिंदो मार्ग के पास साधारण थाली वाली जगहों पर 250 रुपये में पेट भर खाना मिल जाता है। छाता और पानी की बोतल साथ ज़रूर रखें, क्योंकि जुलाई में उमस अक्सर 80 प्रतिशत से ऊपर रहती है और अचानक आई बारिश से झील के किनारे के रास्ते बंद हो सकते हैं। मेट्रो सेवा रात 11:30 बजे तक उपलब्ध रहती है, जिससे शाम की सैर के बाद घर लौटना आसान हो जाता है।