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दिल्ली में पालतू जानवर रखने की व्यावहारिक गाइड: नियम और खास जगहें
राजधानी में नगरपालिका पंजीकरण, आवारा पशु प्रबंधन और पालतू जानवरों के अनुकूल लोकप्रिय स्थानों से जुड़ी जरूरी जानकारी।
हमने यह रिपोर्ट कैसे तैयार की

दिल्ली में जिम्मेदारी के साथ पालतू जानवर पालना केवल प्यार-दुलार तक सीमित नहीं है, इसके लिए नागरिक नियमों और स्थानीय मानदंडों की गहरी समझ भी जरूरी है, ताकि पालतू जानवरों और समाज दोनों की भलाई सुनिश्चित हो सके। राजधानी में कुत्ता पालने वालों के लिए नगरपालिका की जरूरतों का पालन करना सबसे पहला कदम है। मालिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे पशु चिकित्सा देखभाल को प्राथमिकता दें, नियमित टीकाकरण कराएं, परजीवी नियंत्रण का ध्यान रखें और अपने पालतू जानवरों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराएं।
पंजीकरण की जरूरतें समझें
शहर में सभी पालतू कुत्तों को हर साल संबंधित नगर निगम, चाहे वह SDMC हो, NDMC हो या EDMC, में पंजीकृत कराना अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया में 500 रुपये का शुल्क देना होता है और आवेदन पूरा करने के लिए एंटी-रेबीज टीकाकरण का प्रमाण देना जरूरी है। नए मालिकों के लिए नियम विशेष रूप से कड़े हैं: जो भी व्यक्ति 3 महीने से अधिक उम्र का कुत्ता लेता है, उसे 15 दिनों के भीतर उसका पंजीकरण कराना होगा। इन पंजीकरण नियमों का उल्लंघन करने पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम जैसी नागरिक संस्थाएं जुर्माना लगा सकती हैं। इन प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करने से आपका पालतू जानवर आधिकारिक रूप से दर्ज हो जाता है और स्थानीय स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप रहता है।
आवारा जानवरों से व्यवहार कैसे करें
दिल्ली में आवारा कुत्तों का प्रबंधन रोजमर्रा की जिंदगी का एक आम पहलू है। पालतू जानवरों के मालिकों को खाना खिलाने संबंधी 2025 के एसओपी दिशा-निर्देशों की जानकारी होनी चाहिए। आवारा कुत्तों को खाना खिलाना कानूनी है, लेकिन यह केवल उन्हीं निर्धारित स्थानों पर किया जा सकता है जो स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) द्वारा तय किए गए हों। RWA द्वारा स्वीकृत स्थानों के बाहर आवारा जानवरों को खाना खिलाना प्रतिबंधित है। इन स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करना न केवल व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है, बल्कि सामुदायिक जीवन को सम्मान देते हुए आवारा पशुओं की देखभाल के लिए भी आवश्यक है।
पालतू जानवरों के अनुकूल सार्वजनिक स्थान
कई कुत्ते पालने वालों के लिए व्यायाम और मेलजोल के लिए सही जगह खोजना बेहद जरूरी होता है। लोदी गार्डन शहर का एकमात्र समर्पित डॉग-फ्रेंडली पार्क है, जहां कुत्तों को पट्टे से मुक्त छोड़ा जा सकता है। जो मालिक पट्टे के साथ सैर या सामाजिक मेलजोल पसंद करते हैं, उनके लिए इंडिया गेट के लॉन, डियर पार्क के हरे-भरे मैदान और हौज खास विलेज के आसपास के इलाके पालतू जानवरों के अनुकूल माहौल के कारण काफी लोकप्रिय हैं। इन सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करते समय मालिकों को पट्टे संबंधी जिम्मेदार नियमों का पालन करने और उचित दूरी बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि ये जगहें सभी के लिए सुलभ और सुखद बनी रहें।