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दिल्ली के निवासी वायु-शुद्ध करने वाले पौधों से घर के अंदर AQI 15 तक ला सकते हैं
रोज़मर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव राजधानी के घरों में कचरा कम करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने में मददगार साबित हो रहे हैं।
हमने यह रिपोर्ट कैसे तैयार की
दिल्ली के निवासी रासायनिक एयर प्यूरीफायर की जगह अरेका पाम और स्नेक प्लांट जैसे वायु-शुद्ध करने वाले पौधों से सजे टिकाऊ घर बनाकर इनडोर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 15 तक हासिल कर सकते हैं। यह तरीका सीधे तौर पर उन सरल आदतों पर आधारित है जो घरेलू कचरा कम करती हैं और प्रदूषकों के संपर्क को सीमित करती हैं।
राजधानी पर गाजीपुर लैंडफिल संकट और बाहरी प्रदूषण के बढ़ते स्तर का लगातार दबाव बना हुआ है। जो निवासी घर के अंदर जीरो-वेस्ट यानी शून्य-अपशिष्ट की आदतें अपनाते हैं, उन्हें समय के साथ बेहतर हवा और कम बिजली-पानी के बिल का अनुभव होता है। ये कदम इसलिए भी ज़रूरी हैं क्योंकि बाहरी परिस्थितियों के बदलते मिजाज के चलते अब लोग घर के अंदर ज़्यादा वक्त बिताते हैं।
एकल-उपयोग वाली चीज़ें हटाने के रोज़ाना के उपाय
दिल्ली के बाज़ारों में खरीदारी करने वाले लोग डिस्पोज़ेबल प्लास्टिक थैलों और पेपर नैपकिन की जगह कपड़े के थैले और दोबारा इस्तेमाल होने वाले तौलिए अपना सकते हैं। घर और दफ्तर में स्टील या कांच के गिलास, एकबारगी इस्तेमाल होने वाले कपों की जगह ले सकते हैं। इन विकल्पों को बार-बार धोकर उपयोग किया जा सकता है और इससे किराने व रसोई के सामान पर होने वाला मासिक खर्च भी घटता है।
हर बार बाहर जाते वक्त नई प्लास्टिक बोतल खरीदने की बजाय दोबारा भरने वाली स्टील की बोतल साथ ले जाने से स्थानीय कचरा स्थलों तक पहुंचने वाले प्लास्टिक की मात्रा कम होती है। रिचार्जेबल बैटरी और कपड़े के शॉपिंग बैग भी हर हफ्ते निकलने वाले कचरे को घटाने में मदद करते हैं।
घर में सब्जियां उगाना और पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद चुनना
दिल्ली के घरों की बालकनी और छतें बिना रासायनिक कीटनाशकों के सब्जियां उगाने के लिए उपयुक्त जगह हो सकती हैं। इससे बाज़ार के उत्पादों पर लगने वाली प्लास्टिक पैकेजिंग से बचा जा सकता है और कम लागत में ताज़ा खाना मिलता है। जो परिवार छोटे स्तर पर बागवानी शुरू करते हैं, उन्हें स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ पैकेजिंग कचरे में भी कमी नज़र आती है।
बांस के टूथब्रश अपनाना और टूथपेस्ट या बॉडी वॉश में माइक्रो-बीड्स की जांच करना पानी की आपूर्ति प्रणालियों में सूक्ष्म प्लास्टिक कणों को पहुंचने से रोकता है। स्पष्ट ऊर्जा-रेटिंग लेबल वाले ऊर्जा-कुशल उपकरण अपार्टमेंट में बिजली के खर्च को नियंत्रित रखने में मददगार होते हैं, जहां बिल तेज़ी से बढ़ सकते हैं।
ये उपाय, जिन्हें ETV भारत ने 2021 में अपने दिशा-निर्देशों में रेखांकित किया था, एक पर्यावरण-अनुकूल दिनचर्या को बढ़ावा देते हैं जो घरेलू बजट और आसपास के पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है। एक या दो बदलावों से शुरुआत करने पर खरीदारी से पहले उत्पादों की जांच करने और रसोई के कचरे को खाद बनाने के लिए अलग रखने की आदत धीरे-धीरे पक्की होती जाती है।