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दिल्ली मेट्रो फेज 4 के फंडिंग पर चर्चा, अहम रूट और समयसीमा के फैसले करीब

केंद्र सरकार का दबाव बढ़ने के साथ, AAP सरकार को अगले वित्तीय वर्ष से पहले वित्त पोषण के बंटवारे और निर्माण कार्यक्रम पर फैसला लेना होगा।

लेखक Delhi News Desk · प्रकाशित 25 जुलाई 2026

हमने यह रिपोर्ट कैसे तैयार की

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दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) 15 जुलाई को AAP सरकार के सामने फेज 4 कॉरिडोर की संशोधित लागत का अनुमान पेश करेगा, जिसके बाद यह तय करना होगा कि 32,000 करोड़ रुपये के कुल खर्च में से राज्य कितना वहन करेगा और केंद्र का कितना योगदान रहेगा।

यह फैसला इसलिए जरूरी है क्योंकि फेज 4 की लाइनें मौजूदा रूटों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए बनाई जा रही हैं, पिछले महीने इन रूटों पर रोजाना 28 लाख यात्रियों ने सफर किया। इसके अलावा, सर्दियों के मौसम में राजधानी की प्रमुख सड़कों पर यातायात का बोझ बढ़ जाता है और वायु गुणवत्ता भी तेजी से बिगड़ती है।

इंजीनियरों ने दो प्राथमिकता वाले रूट चिह्नित किए हैं: पहला, जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक 21 किलोमीटर का विस्तार, जो कनॉट प्लेस से होकर गुजरेगा; और दूसरा, मयूर विहार फेज III से नोएडा सेक्टर 62 तक 14 किलोमीटर का कॉरिडोर, जो यमुना बैंक डिपो के रास्ते बनेगा। दोनों रूट उन इलाकों से गुजरते हैं जहां फेज 3 के स्टेशन पहले से मौजूद हैं और लाजपत नगर व द्वारका सेक्टर 21 जैसे स्टेशनों पर पीक ऑवर में क्षमता से 120 फीसदी तक अधिक भीड़ होती है।

मई में जारी DMRC के आंकड़ों के अनुसार, भूमिगत ट्रैक के प्रति किलोमीटर की लागत 280 करोड़ रुपये है, जबकि एलिवेटेड सेक्शन के लिए यह औसतन 165 करोड़ रुपये है। अगर अक्टूबर तक फंड जारी हो जाए तो फेज 4 का पूरा काम दिसंबर 2028 तक पूरा होने की योजना है।

राजनीतिक और बजट का दबाव

केंद्रीय मंत्रालयों ने संकेत दिया है कि वे अपनी हिस्सेदारी तभी जारी करेंगे जब राज्य सरकार 2026-27 के बजट में अपना बराबर का योगदान देने की प्रतिबद्धता जताए। यह शर्त यमुना सफाई कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद से भी जुड़ी है, जिसकी परियोजना वज़ीराबाद के पास मेट्रो के रूट के समानांतर चलती है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर सितंबर के बाद भी देरी हुई तो दक्षिण दिल्ली में भूमि अधिग्रहण की सुनवाई त्योहारी सीजन में खिसक जाएगी। इससे लागत में करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है और जनकपुरी के प्रस्तावित रूट पर लगभग 4,200 परिवार प्रभावित होंगे।

यात्रियों के लिए आगे क्या?

निवासी DMRC के आधिकारिक ऐप पर अपडेट देख सकते हैं, कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही रूट मैप वहां उपलब्ध करा दिए जाएंगे। यमुना बैंक डिपो के पास रहने वाले लोग अगस्त के तीसरे हफ्ते से अस्थायी सड़क बंदी के लिए तैयार रहें, बशर्ते निर्धारित समय पर टेंडर जारी हो जाएं।

कैबिनेट की अंतिम मंजूरी 28 जुलाई तक मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद कॉर्पोरेशन कनॉट प्लेस और करोल बाग के बीच पहले 8 किलोमीटर की सुरंग खुदाई के लिए बोलियां आमंत्रित करेगा।

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