नीति
MCD ने दिल्ली की 200 वार्डों में संपत्ति कर आकलन के नए मानदंड लागू किए
रोहिणी, द्वारका और करोल बाग के मकान मालिकों को जुलाई से संशोधित वार्षिक बिल मिलेंगे, जो 2025 के आकलन रिकॉर्ड में तय किए गए नए सर्किल रेट पर आधारित होंगे।
हमने यह रिपोर्ट कैसे तैयार की

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने 1 जुलाई से 200 वार्डों में आवासीय संपत्तियों पर संपत्ति कर आकलन के नए मानदंड लागू करने शुरू कर दिए हैं। यह बदलाव उन मालिकों पर लागू होगा जो नगर निकाय के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए रिटर्न दाखिल करते हैं। पुरानी स्व-घोषणा पद्धति की जगह अब 2025 के सर्किल रेट संशोधन से लिए गए आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा।
यह बदलाव MCD के 2025-26 के बजट दस्तावेजों के जारी होने के बाद किया गया है, जिसमें संपत्ति कर संग्रह से 12,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि संशोधित मानदंडों का उद्देश्य बिल में दर्ज राशि को सरकारी भूमि अभिलेखों में दर्ज मौजूदा बाजार मूल्यांकन के अनुरूप बनाना है।
आम घरों पर क्या असर पड़ेगा
रोहिणी सेक्टर 15 के निवासियों के बिल अब आवासीय भूखंडों के लिए 1.25 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर के नए सर्किल रेट के आधार पर तैयार होंगे। 100 वर्ग गज का जो मकान पहले 18,000 रुपये सालाना पर आकलित था, उसका प्रारंभिक कर अब किसी भी छूट से पहले 22,500 रुपये बनता है। इसी तरह की पुनर्गणना द्वारका सेक्टर 12 और करोल बाग के कुछ हिस्सों में भी होगी, जहां पुरानी संपत्तियों के लिए आकलन दिशा-निर्देशों में एकमुश्त समायोजन का प्रावधान किया गया है।
स्थानीय जानकारों के मुताबिक, जिन परिवारों के पास वैध पानी और बिजली कनेक्शन हैं, वे पिछली दो तिमाहियों के भुगतान का प्रमाण देकर 10 प्रतिशत की छूट पा सकते हैं। कानून के अनुसार 31 अगस्त की फाइलिंग समयसीमा के बाद 500 रुपये प्रति माह की दर से जुर्माना लगेगा।
करदाता आगे क्या करें
संपत्ति मालिकों को 31 अगस्त तक MCD पोर्टल या वार्ड कार्यालयों में जाकर संशोधित रिटर्न जमा करना होगा। नगर निकाय का अनुमान है कि वित्त वर्ष के अंत तक 48 लाख आवासीय संपत्तियां नए आकलन के दायरे में आ जाएंगी। भुगतान दो किस्तों में किया जा सकता है, जिसमें पहली किस्त 30 सितंबर तक देय होगी।