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स्थानीय जलवायु में हाइड्रेशन: कितना और क्या पिएं
दिल्ली की जुलाई की गर्मी में लोगों को रोज़ाना ज़्यादा मात्रा में तरल पदार्थ लेने की ज़रूरत है, और सिर्फ नल का पानी पर्याप्त नहीं।
हमने यह रिपोर्ट कैसे तैयार की

इस हफ्ते दिल्ली का तापमान कई दिनों तक 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जिसके बाद एम्स के डॉक्टरों ने ताज़ा चेतावनी जारी की है कि गर्मी के चरम महीनों में वयस्कों को रोज़ाना 3.5 से 4 लीटर तरल पदार्थ लेना ज़रूरी है।
गर्मी से जुड़ी बीमारियों के चलते आउटपेशेंट क्लीनिक में मरीज़ों की संख्या जून की शुरुआत से लगातार बढ़ रही है, जब मॉनसून में देरी की वजह से शहर के ऊपर साफ आसमान और उमस भरी गर्मी छाई रही। स्थानीय वेलनेस ग्रुप्स की रिपोर्ट के अनुसार, लोकप्रिय पार्कों में सुबह व्यायाम करने वाली भीड़ अब दोपहर की तेज़ धूप में डिहाइड्रेशन के खतरे से बचने के लिए पहले ही निकलने लगी है, और कई लोग अब बीच-बीच में घूंट लेने की बजाय नाप कर पानी लाने वाली बोतलें साथ रखते हैं।
लोदी गार्डन के ट्रैक पर दौड़ लगाने वाले और नेहरू पार्क में योग करने वाले, दोनों ही बाहर निकलने से पहले एक गिलास पानी पीने को प्राथमिकता देते हैं। लोधी रोड पर क्लीन-ईटिंग कैफे में 40 रुपये प्रति सर्विंग के इलेक्ट्रोलाइट मिक्स मिलते हैं, जबकि एम्स के पास के ठेले पर पसीने से खोए खनिज लवणों की भरपाई के लिए 30 रुपये में नारियल पानी मिलता है।
सक्रिय दिनों में संतुलित मात्रा में पानी पिएं
इंडियन डायटेटिक एसोसिएशन की दिल्ली शाखा के 2025 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि नियमित रूप से पार्क जाने वाले 62 प्रतिशत लोग विशेष सलाह मिलने से पहले कामकाजी दिनों में 2 लीटर से कम पानी पी रहे थे। उसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दोपहर के खाने के साथ एक गिलास छाछ या नींबू पानी लेने से ज़्यादातर घरों में बिना अतिरिक्त खर्च के औसत मात्रा अनुशंसित स्तर तक पहुंच गई।
गर्मियों के पैटर्न पर नज़र रखने वाले पोषण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक साथ बहुत ज़्यादा पानी पीने की बजाय इसे नियमित अंतराल पर बांट कर पिएं। कनॉट प्लेस के आसपास काम करने वाले दफ्तरी कर्मचारी अब अपनी मेज पर 500 मिलीलीटर की बोतलें रखते हैं और शाम तक फिल्टर वाले डिस्पेंसर से उन्हें तीन बार भरते हैं।
सादे पानी से परे स्थानीय विकल्प
खान मार्केट के ठेलों पर 25 रुपये गिलास में ठंडा आम पन्ना मिलता है, जो हाइड्रेशन के साथ-साथ पोटैशियम भी देता है। हौज़ खास के आसपास रहने वाले लोग भी ताज़ा तरबूज़ के जूस के ठेलों का रुख करते हैं, जो सुबह 7 बजे से लोदी गार्डन की सैर से लौटने वाले लोगों के लिए खुल जाते हैं।
जो लोग कुछ अलग पीना चाहते हैं, वे घर पर बने नींबू पानी में एक चुटकी सेंधा नमक मिला सकते हैं, यह तरीका पिछले महीने नेहरू पार्क में हुई सामुदायिक कार्यशालाओं में भी बताया गया। इसकी लागत एक लीटर पर 10 रुपये से भी कम आती है, फिर भी यह फार्मेसियों में बिकने वाले व्यावसायिक इलेक्ट्रोलाइट पैकेट जितना असरदार है।
स्वास्थ्य कर्मी पेशाब के रंग को एक सरल जांच के तौर पर देखने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि चक्कर आने जैसे लक्षण दिखने पर नज़दीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से परामर्श लें। जो लोग इस सर्दी के मौसम में लंबी दौड़ की योजना बना रहे हैं, वे यह आदत अभी से डाल सकते हैं, ठंडे महीनों में भी पानी की ज़रूरत बस थोड़ी ही कम होती है।