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दिल्ली के किसान बाज़ारों में जुलाई की मौसमी सब्ज़ियों की धूम, स्वच्छ खान-पान को मिल रहा बढ़ावा
राजधानी भर के विक्रेताओं ने मानसून की सब्ज़ियों और फलों की ज़बरदस्त बिक्री दर्ज की, स्थानीय उपज की मांग में भी उल्लेखनीय इज़ाफ़ा।
हमने यह रिपोर्ट कैसे तैयार की
10 जुलाई को दिल्ली के किसान बाज़ारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी और लोग ताज़ी भिंडी तथा लौकी के थैले भर-भरकर ले गए। विक्रेताओं के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस हफ़्ते ग्राहकों की आवाजाही में 30 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दिल्ली में स्वच्छ खान-पान का चलन सर्दियों के दौड़ के मौसम के बाद से और तेज़ हुआ है, जब लोदी गार्डन और नेहरू पार्क में दौड़ लगाने वाले निवासियों ने उमस भरे महीनों में ऊर्जा बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर सब्ज़ियों की नियमित आपूर्ति तलाशनी शुरू की।
गुणवत्ता के लिहाज़ से दो जगहें ख़ास तौर पर उभरकर सामने आई हैं। साप्ताहिक ग्रीन मार्केट हर शनिवार सुबह लोदी गार्डन के पश्चिमी छोर पर लगता है, जहाँ गर्मी बढ़ने से पहले ही खरीदार पहुँच जाते हैं। दूसरा विकल्प एम्स के पास सफदरजंग एन्क्लेव की सीमा पर रोज़ाना लगने वाला बाज़ार है, जहाँ आसपास के ज़िलों के छोटे किसान सीधे खेतों से उपज के क्रेट लेकर आते हैं।
मौजूदा कीमतों पर मौसमी विकल्प
जुलाई के पहले हफ़्ते के बाज़ार रिकॉर्ड के अनुसार पालक 25 रुपये प्रति गट्ठर, तोरई 40 रुपये प्रति किलोग्राम और पास के बगीचों से आए आम 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहे हैं। ये आँकड़े दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड की 8 जुलाई 2026 की मूल्य सूची से लिए गए हैं।
दोनों जगहों पर खरीदारों को ताज़ी कच्ची हल्दी और करी पत्ता भी अच्छी मात्रा में मिल रहे हैं। स्थानीय पोषण विशेषज्ञ इन्हें मौसमी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक मानते हैं।
खरीदारों के लिए ज़रूरी सुझाव
बेहतरीन सब्ज़ियाँ पाने के लिए किसी भी बाज़ार में सुबह 8 बजे से पहले पहुँचें और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को बर्बाद होने से बचाने के लिए उन्हें हवादार कपड़े की थैलियों में रखें। मानसून के आगे बढ़ने के साथ कीमतों में बदलाव और नई उपज की जानकारी के लिए निवासी हर सोमवार बोर्ड के अपडेट देख सकते हैं।
अपने खान-पान में कोई बड़ा बदलाव करने से पहले किसी स्थानीय चिकित्सक से परामर्श ज़रूर लें।